संविदा शिक्षक 3 – गणित पाठ्यक्रम

संख्या पद्धति-

  • एक करोड़ तक की संख्याएँ, दस लाख तक की संख्याओं का विस्तारित रूप व स्थानीय मान,
  • जोड़ना व घटाना -पाँच अंको तक की संख्याओं का जोड़ना व घटाना
  • गुणा- तीन अंको की संख्या से किसी संख्या में गुणा
  • भाग- दो अंको वाली संख्या से चार अंका े वाली संख्या में भाग द ेना
  • भिन्न- भिन्न की अवधारणा, सरलतम रूप, समभिन्न, विषम भिन्न आदि भिन्नों का जोड़ना घटाना गुणा व
  • भाग, वजन, धारिता, समय- समय की गणना, मुद्रा
  • पैटर्न- संख्याओं से संबंधित पैटर्न को समझ आगे बढ़ाना, पैटर्न तैयार कर उसका संक्रियाओं के आधार पर
  • सामान्यीकरण

ज्यामिति-

  • मूल ज्यामितीय अवधारणाएँ, किरण, रेखाखण्ड, कोण (कोणों का वर्गीकरण) त्रिभुज, (त्रिभुजों का वर्गीकरण- भुजाओं के आधार पर, कोणों के आधार पर) त्रिभुज के तीनो कोणो का योग वृत, त्रिज्या व व्यास में परस्पर संबंध सममित आकृति, परिवेश आधार पर समानान्तर रेखा व लम्बवत् रेखा की समझ।

पेडागाजिकल मुद्दे

  • गणित शिक्षण द्वारा चिन्तन एवं तर्कशक्ति का विकास करना।
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोगकरने की क्षमता का विकास करना
  • मूल्यांकन की नवीन विधियाँ, निदानात्मक परीक्षण व पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास करना
  • गणित शिक्षण की नवीन विधियों का कक्षा शिक्षण में उपयोग करने की क्षमता

Questions