संविदा शिक्षक 3 – बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

(अ) बाल विकास

 बाल विकास की अवधारणा एवं इसका अधिगम से संबंध ।
विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक ।
बाल विकास के सिद्धांत।
बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार संबंधी समस्याएं।
वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव।
समाजीकरण प्रक्रियाएं सामाजिक जगत एवं बच्चे ( शिक्षक, अभिभावक, साथी)
पियाजे, पावलव, कोहलर और थार्नडाइकः रचना एव आलोचनात्मक स्वरूप।
बाल केन्द्रित एव प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा ।
बुद्धि की रचना का आलोचनात्मक स्वरूप और उसका मापन, बहुआयामी बुद्धि।
व्यक्तित्व और उसका मापन।
भाषा और विचार।
सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंग भेद और शैक्षिक प्रथाऐ।
अधिगम कत्र्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि की विषमताओं पर आधारित भिन्नताओं की समझ।
अधिगम के लिए आंकलन और अधिगम का आंकलन में अंतर, शाला आधारित आंकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकनः स्वरूप और प्रथाएं (मान्यताएं)
अधिगमकत्र्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षाकक्ष में अधिगम को बढ़ाने आलोचनात्मक चिंतन तथा अधिगम कत्र्ता की उपलब्धि के आंकलन के लिए।

(ब) समावेशित शिक्षा की अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ

अलाभान्वित, एवं वंचित वर्गों सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकत्र्ताओं की पहचान ।
अधिगम कठिनाइयों, ’क्षति’ आदि से ग्रस्त बच्चो की आवश्यकताओं की पहचान।
प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकत्र्ताओं की पहचान।
समस्याग्रस्त बालकः पहचान एबं निदानात्मक पक्ष।
बाल अपराधः कारण एवं प्रकार

(स) अधिगम और शिक्षा शास्त्र (पेडागाजी)

शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, बच्चों के अधिगम की रणनीतिया अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया
के रूप मे अधिगम का सामाजिक सदर्भ। समस्या समाधानकत्र्ता और वैज्ञानिक- अन्वेषक के रूप मे ं बच्चा ।
बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक धारणाएं, बच्चों की त्रृटियो ं को अधिगम प्रकि ्रया मे ं सार्थक कड़ी के रूप में
समझना। अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकः अवधान और रूचि।
संज्ञान और संवेग
अभिप्रेरणा और अधिगमऽ अधिगम में योगदान देने वाले कारक- व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
निर्देशन एवं परामर्श
अभिक्षमता और उसका मापन
स्मृति और विस्मृति

Questions