मॉक टेस्ट कामयाबी का आधार – Mock test base of Success

Mock test base of Success – परीक्षा में उच्च रैंक लाने के लिए तकनीकी रूप से भी दक्ष होना होगा। आंसरिंग स्टाइल, प्रश्नों की लैंग्वेज, मॉक टेस्ट आदि कई ऐसी चीजें हैं, जिनका ध्यान रखना छात्र के लिए आवश्यक हो जाता है।
काम्पटीशन एग्जाम में सफलता के पीछे जिन महत्वपूर्ण टूल्स का हाथ होता है, उनमें से एक ‘मॉक टेस्ट’ भी है। मॉक टेस्ट वह हथियार है, जिसकी बदौलत इस परीक्षा को दावेदारी के साथ लड़ा जा सकता है। विशेषज्ञ भी इस बात पर बल देते हैं कि जितने अधिक मॉक टेस्ट दिए जाएंगे, परीक्षा के लिहाज से ये उतना ही फायदेमंद साबित होगा। www.mponlineexam.in  के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट की  सुविधा है। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि मॉक टेस्ट देने की प्रक्रिया कब शुरू की जाए। यह सामान्य तर्क है कि कोई भी छात्र तभी मॉक टेस्ट देने की स्थिति में होगा, जब वह अपना सिलेबस पूरा कर रिवीजन की प्रक्रिया में होगा  यदि छात्र सफलतापूर्वक मॉक टेस्ट दे देते हैं तो वे एक मजबूत स्थिति में होंगे और अपने लिए एक बेहतर रिजल्ट की कल्पना कर सकेंगे।

पूरी प्रक्रिया का ताना-बाना

एग्जाम के लिए विशेषतौर पर www.mponlineexam.in पर ऑनलाइन मॉक टेस्ट तैयार किया गया है। यह प्रकिया छात्रों को मुख्य परीक्षा का आभास कराती है। इसमें सबसे पहले छात्रों को ‘स्टार्ट क्विज’ बटन पर क्लिक करना होता है। उसके बाद पहला प्रश्न कम्प्यूटर स्क्रीन पर आ जाता है। उसका जवाब देने के बाद ‘नेक्स्ट’ बटन दबाने पर दूसरा प्रश्न दिखने लगता है। इस तरह से यह प्रक्रिया पूरे प्रश्नों तक चलती है। इसमें छात्र चाहें तो एक प्रश्न छोड़ कर दूसरे प्रश्न पर जा सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को ‘क्विज समरी’ पर क्लिक करना होता है, जिससे उन्हें पूरा परिणाम सेक्शन के हिसाब से दिखाई देने लगता है। इसके बाद ‘फिनिश’ पर क्लिक करके प्रक्रिया से बाहर आ सकते हैं। छात्र यह प्रक्रिया शुरू करने से पहले दिए गए निर्देशों व सावधानियों को पढ़ लें।

समय का रखें खास ध्यान

मॉक टेस्ट देने का फायदा तभी है, जब छात्र उसे निश्चित समय के दायरे में रह कर हल कर रहे हों, अन्यथा आप प्रश्नों के जवाब भले ही दे दें, लेकिन समय पर आपका अधिकार खत्म हो जाएगा। नतीजा यह होगा कि प्रश्नों का जवाब पता होते हुए भी आप उनका जवाब नहीं दे पाएंगे। छात्र यह याद रखें कि इस परीक्षा में समय का बहुत महत्व है तथा उन्हें शुरू से ही अपनी स्पीड मेंटेन करनी होगी। इसलिए छात्र इस प्रक्रिया को बाकायदा एक परीक्षा की तरह से लें तथा महसूस करें, जैसे वे किसी परीक्षा भवन में बैठे हैं। हर सेक्शन के लिए समय विभाजन करें तथा उसी दायरे में हल करने का प्रयास करें। इस दौरान अपने बारे में कोई पूर्वाग्रह न पालें। बस अपनी पूरी कोशिश करें। इसका असर दिखेगा और आप कम समय में ज्यादा प्रश्नों का जवाब दे पाने में समर्थ होंगे।

गलतियों को नजरअंदाज न करें

मॉक टेस्ट देते समय आपने कहां गलती की या कौन सा पार्ट कमजोर साबित हो रहा है, इस आधार पर अपनी रणनीति में बदलाव लाएं। कमजोर पार्ट पर विशेष ध्यान देते हुए उसे मजबूत बनाने का प्रयास करें। जहां से मदद अपेक्षित हो, वहां से लें। छात्रों को यह देखना होगा कि उनसे कहां गलतियां हुई हैं। कई बार ऐसा होता है कि छात्र को प्रश्नों के पूरे जवाब मालूम तो होते हैं, लेकिन समय के अभाव में वे उन्हें लिख नहीं पाते तो कई बार उन्हें जवाब ही पता नहीं होता। मॉक टेस्ट में कुछ सेक्शन खराब हुए हैं तो उसका भी एक लेवल होता है। यदि आप अपनी इन गलतियों को नजरअंदाज कर देंगे तो वह आपके लिए नुकसानदेह साबित होंगी और इससे परीक्षा में अंकों का नुकसान झेलना पड़ेगा। दूसरी तरफ अपने मजबूत बिन्दुओं को भी नजरअंदाज न करें, बल्कि उन पर ध्यान देते रहें, अन्यथा कमजोर को मजबूत बनाने के चक्कर में आपका मजबूत प्वाइंट भी कमजोर हो जाएगा।

रिपोर्ट कार्ड तैयार करें

सभी टेस्ट का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा। यह रिपोर्ट कार्ड आपकी उपलब्धि और तैयारी का स्तर अपने आप बयां कर देंगे। प्रत्येक विषय का अलग-अलग रिपोर्ट कार्ड बनाएं। पहले मॉक टेस्ट से होते हुए तीसरे व चौथे टेस्ट में यदि प्रगति दिख रही है तो यह आपके लिए राहत है, लेकिन यदि आगे बढ़ते समय नुकसान हो रहा है तो यह खतरे का संकेत है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछली गलतियां और समय की कमी आपका कुछ न कुछ नुकसान तो करेंगे ही, लेकिन आपके अंदर जज्बा कायम है तो काफी कुछ सुधारा जा सकता है। बस, आप अपना हौसला न डिगने दें। आपने अच्छा किया है या बुरा, इस रिपोर्ट कार्ड पर अपने टीचर या सीनियर से चर्चा जरूर करें। इस दौरान यदि वे आपके हित में कुछ बताते हैं तो उसे आत्मसात करने की कोशिश करें,

मॉक टेस्ट की अहमियत समय के साथ बढ़ती जा रही है। समय के साथ इसमें कई तरह की सहूलियतें भी मिल गई हैं। मसलन छात्र अपनी सुविधानुसार दूसरे विषय पर जा सकते हैं। उनके सामने स्क्रीन पर सभी  विषयों के ऑप्शन होते हैं। लेकिन कोशिश यही करनी चाहिए कि जिस विषयो में वे खुद को मजबूत मानते हों, उसी को पहले हल करें। जो प्रश्न नहीं आ रहा है, उस पर समय बर्बाद न कर दूसरे पर चले जाएं। बाद में समय बचने पर  पुन: उस पर आ सकते हैं।

Comments

error: Content is protected !!
WhatsApp जानकारी प्राप्त करें